Best Short Moral Stories- “ सावधानी ”

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“ सावधानी ”

एक बार की बात हैं रघु नाम का आदमी एक बड़े नारियल के पेड़ पर चढ़ता है।और नारियल तोड़ने के बाद वह नीचे उतरने लगता है। वहीं पेड़ से कुछ दूरी पर एक संत खड़े होकर रघु को देख रहे थे।

जब रघु जमीन से 11 फीट की दूरी पर आ गये थे, तब वह संत रघु को जोर-जोर से चिल्लाकर कहने लगा भाई संभल के उतरना, हाथ मत छोड़ देना ,आराम से सावधानी पूर्वक नीचे उतरना अभी नीचे 11 फीट जमीन और बची हैं, यदि गिर जाओगे तो हाथ पैर टूट जाएंगे।

एसे ही लगातार संत जी जोर-जोर से चिल्लाने लग गये। फिर रघु सोचने लगा ,बड़े अजीब संत हैं जब मैं सबसे ऊपर था तब तो कुछ नहीं बोला बस देख ही रहे थे मुझे।और अब मैं उतरने ही वाला हूँ, तो चिल्लाते ही जा रहे हैं।

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फिर रघु पेड़ से नीचे उतरता हैं और सीधे संत के पास जाते हैं।और संत से कहते हैं- वाह महाराज वाह!

जब मैं पेड़ के सबसे ऊपर था, तब तो आपने एक भी बार नहीं कहा कि सावधान रहना और जब मैं इतने नीचे आ गया हूँ , जमीन के बिल्कुल पास तब आप मुझे बार-बार चिल्ला के बोल रहे थे।

आखिर ऐसा क्यों?

संत ने कहा !

बेटा जब तुम सबसे ज्यादा ऊंचाई पर थे, तब खतरा भी ज्यादा था। और तुम खुद ही बहुत सावधान थे। लेकिन जैसे-जैसे तुम नीचे आने लगे तो तुम्हारी लापरवाही भी बड़ती जा रही थी। इस कारण मैं चिल्लाने लगा यह तो ध्यान देने लायक बात है ना।

Moral:

हम सभी की जिंदगी में भी यही होता है जब हम ऊंचाई या खतरों के पास होते हैं तो बहुत ज्यादा सावधान रहते हैं। तथा
खुद पर पूरा विश्वास होता हैं। लेकिन जैसे-जैसे खतरा कम होने लगता है, हम लापरवाह हो जाते है असावधान हो जाते हैं। इसलिए हमे काम के दौरान हमेशा फोकस होकर काम करना चाहिए।

धन्यवाद!

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