Short Motivational Story in Hindi-“ समय और धैर्य ”

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Short Motivational Story in Hindi

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INTERESTING MORAL STORY

“ समय और धैर्य ”

एक गाँव में एक साधु महाराज रहते थे। वह हर दिन नदी किनारे एक पेड़ के नीचे बैठता था और जोर-जोर से ऊँची आवाज़ में चिल्लाता- “जो चाहोगे सो पाओगे”,“जो चाहोगे सो पाओगे”।

यह सुनकर उस रास्ते से गुजरने वाले सभी लोग उस पर हँसते थे और उसे पागल भी समझते थे। सभी लोग उसकी बात को सुनकर भी अनुसना कर देते थे।

एक दिन 20 वर्ष का एक युवक उस रास्ते से गुजर रहा था।

उसे साधु महाराज के चिल्लाने की आवाज़ उसके कानों में पड़ी – “जो चाहोगे सो पाओगे ”,“जो चाहोगे सो पाओगे ”।

यह शब्द सुनकर वह युवक साधु महाराज के पास आ गया और उससे पूछने लगा कि महाराज !

आप बहुत देर से चिल्ला रहे हो जो चाहोगे सो पाओगे करके क्या आप सच में मुझे वो दे सकते हो, जो मैं पाना चाहता हूँ?

साधु महाराज बोले !

हाँ बेटा मैं वो दे सकता हूँ,लेकिन पहले तुम मुझे ये बताओ कि तुम पाना क्या चाहते हो?

युवक बोला महाराज !

मैं चाहता हूँ कि मैं हीरों का बहुत बड़ा व्यापारी बनूँ । क्या आप मेरी यह इच्छा पूरी कर सकते हैं?

साधु महाराज बोला- बिल्कुल बेटा !

मैं तुम्हें एक हीरा और एक मोती देता हूँ, उससे तुम जितने चाहे हीरे-मोती बना लेना।

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साधु महाराज की यह बात सुनकर युवक की आँखों में आशा की ज्योति चमक उठी।

फिर साधु ने उस युवक को अपनी दोनों हथेलियाँ आगे करने को कहा। युवक ने अपनी दोनों हथेलियाँ साधु महाराज के सामने कर दी। साधु महाराज ने पहले उसकी एक हथेली पर अपना हाथ रखा और बोला-बेटा !

ये इस दुनिया का सबसे अनमोल हीरा है इसे समय कहते हैं।

इसे अपनी मुठ्ठी में जोर से पकड़कर रख लो। इसके द्वारा तुम जितने चाहो उतने हीरे बना सकते हो इसे कभी अपने हाथ से बाहर निकलने मत देना।

फिर साधु महाराज ने अपना दूसरा हाथ युवक की दूसरी हथेली पर रखकर कहा- बेटा !

ये दुनिया की सबसे कीमती मोती है इसे धैर्य कहते हैं।

जब किसी कार्य में समय लगाने के बाद भी सही परिणाम प्राप्त ना हो, तो इस धैर्य नामक मोती को धारण कर लेना। यदि यह मोती तुम्हारे पास है, तो तुम दुनिया में जो चाहो, वो हासिल कर सकते हो।

युवक ने बहुत ध्यान से साधु महाराज की बातो को सुना और उसको धन्यवाद बोलकर वहाँ से चल पड़ा।

अब उस युवक को सफ़लता प्राप्ति के दो गुरुमंत्र मिल गए थे। उसने निश्चय किया कि वह अब कभी अपना समय व्यर्थ नहीं गंवायेगा और सदा धैर्य से काम लेगा।

कुछ दिनों बाद उसने हीरे के एक बड़े व्यापारी के यहाँ काम करना प्रारंभ कर दिया। कुछ वर्षों तक वह मन लगाकर व्यवसाय का हर गुण सीखता रहा और एक दिन वह युवक अपनी मेहनत और लगन से अपना सपना साकार करते हुए हीरे का बहुत बड़ा व्यापारी बन गया।

Moral:-

  • लक्ष्य प्राप्ति के लिए सदा समय और धैर्य नाम के हीरे-मोती अपने साथ रखें।
  • अपना समय कभी व्यर्थ ना जाने दें और कठिन समय में धैर्य का दामन ना छोड़ें सफलता अवश्य प्राप्त होगी।

धन्यवाद!

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